पश्चिमी राजनयिकों का कहना मिस्र के जनरल अब्दुल फ़त्ताह अल-सीसी के इस्राईली अधिकारियों के साथ गहरे सम्बंध हैं। साथ ही इस्राईल सीरिया में शांति की अंतर-राष्ट्रीय कोशिशों में बाधा डाल रहा है।फ़ार्स समाचार एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार अमेरिकी दैनिक न्यूयार्क टाइम्स ने पश्चिमी राजनयिकों के हवाले से ख़ुलासा किया है कि मिस्र के रक्षामंत्री जनरल अब्दुल फ़त्ताह अल-सीसी और इस्राईली अधिकारियों के आपस में गहरे सम्बंध है और इस्राईल मिस्र की समस्याओं के कूटनीतिक समाधान और देश में स्थिरता लाने की पश्चिम के प्रयासों में बाधा डाल रहा है।कहा जा रहा है कि पिछले महीने तख़्ता पलट करके मुहम्मद मुर्सी को किनारे लगाते हुये अंतरिम सरकार का गठन करने वाले जनरल अल-सीसी ने मिस्र की ख़ुफ़िया एजेंसी की अध्यक्षता के दौरान अपने इस्राईली समकक्ष के साथ सम्पर्क स्थापित कर लिए थे। पश्चिमी राजनयिकों की ओर से न्यूयॉर्क टाइम्स को दिए गए बयान के अनुसार उक्त अट्ठावन वर्षीय जनरल शुक्रवार को होने वाले संघर्ष के दौरान नियमित रूप से इस्राईल के साथ सम्पर्क में था। इस मुठभेड़ में 173 लोग मारे गए थे।इन राजनयिकों के अनुसार इस्राईल अल-सीसी को यह विश्वास दिलाकर कि अमेरिका ज़बानी धमकी के बावजूद किसी भी सूरत में मिस्र की वित्तीय सहायता बंद नहीं करेगा, हालात के सुधारने की कूटनीतिक प्रयासों को नुक़सान पहुंचा रहा है।रिपोर्ट में कहा गया है कि दूसरी ओर इस्राईल भविष्य में अमेरिका को मुस्लिम ब्रदरहुड के प्रति सचेत कर रहा है, इसी संदर्भ में एक अमेरिकी अधिकारी का कहना है कि 'हमसे जो कहा जाता है उसका सारांश यह है कि मुस्लिम ब्रदरहुड एक आतंकवादी संगठन है।'ग़ौरतलब है लगभग दो महीने पहले मिस्र की सेना ने राष्ट्रपति मोहम्मद मुर्सी के खिलाफ़ विरोध प्रदर्शन करने वालों के समर्थन का बहाना बना कर तख़्ता पलट कर डाला और मुर्सी इस समय हिरासत में हैं। इसी दौरान सेना ने पिछले बुधवार को मिस्र के शहरों में मुर्सी के पक्ष में धरने पर बैठे लोगों पर हमला कर खून की नदियां बहा दीं। सरकारी सूचना के अनुसार बुधवार से अब तक एक हजार से ज़्यादा लोग अपनी जान से हाथ धो बैठे हैं। लेकिन मुस्लिम ब्रदरहुड का कहना है कि वास्तविक आंकड़े इससे कहीं ज़्यादा हैं। अमेरिका ने इस नरसंहार पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए केवल ज़बानी तौर निंदा की और मिस्र सेना के साथ संयुक्त अभ्यास रोकने पर ही संतोष किया है। ग़ौरतलब है कि अमेरिका की ओर से मिस्र सेना की इस कार्यवाही को तख़्ता पलट का नाम नहीं दिया गया है और मिस्र को दी जानी वाली तेरह अरब डालर की सहायता में भी कोई बदलाव नहीं आया है
19 अगस्त 2013 - 19:30
समाचार कोड: 453795
पश्चिमी राजनयिकों का कहना मिस्र के जनरल अब्दुल फ़त्ताह अल-सीसी के इस्राईली अधिकारियों के साथ गहरे सम्बंध हैं। साथ ही इस्राईल सीरिया में शांति की अंतर-राष्ट्रीय कोशिशों में बाधा डाल रहा है।